शिकार नहीं शिल्पकार -Lokriti Gupta Anokhi
शिकार नहीं शिल्पकार सुहानी की आंख खुली, अधमून्दी आँखों से उसने अपना माथा पकड़ते हुए सब कुछ देखने समझने की कोशिश की। उसका सर चकरा रहा था। जी मिचला रहा…
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शिकार नहीं शिल्पकार सुहानी की आंख खुली, अधमून्दी आँखों से उसने अपना माथा पकड़ते हुए सब कुछ देखने समझने की कोशिश की। उसका सर चकरा रहा था। जी मिचला रहा…
Read moreपर्यावरण संरक्षण गतिविधि जनक जिला की बैठक सफलतापूर्वक सम्पन्न नई दिल्ली, [तिथि] – पर्यावरण संरक्षण गतिविधि जनक जिला की बैठक गौरीशंकर उद्यान विकास पूरी में आयोजित की गई, जिसमें जनकपुरी,…
Read moreसाहित्य 24, छत्तीसगढ़ इकाई की ऑनलाइन काव्य गोष्ठी संपन्न प्रतिष्ठित साहित्यिक संस्था “साहित्य 24” की छत्तीसगढ़ इकाई द्वारा मार्च माह की ऑनलाइन काव्य गोष्ठी का सफल आयोजन 14 मार्च 2026,…
Read moreसीमा रंगा इन्द्रा हरियाणाकार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि डॉ धर्म देव विधार्थी निदेशक हरियाणा साहित्य एवं संस्कृति अकादमी पंचकूला पहुंचे, कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ शायर डॉ एस के शर्मा पूर्व…
Read moreराजू अपने माँ-पापा का बहुत ख़्याल रखा करता था । वैसे तो वह तीन भाई थे, पर बाकी के दो भाई अपने-अपने जीवन में व्यस्त रहते थे। एक ही घर…
Read moreस्वधा जब भी मायके जाती तो अपनी मम्मी के हाथों के बने आम के अचार लेकर ही वापस आती थी। स्वधा को माँ के हाथों के बने अचार बड़े ही…
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