शिकार नहीं शिल्पकार -Lokriti Gupta Anokhi
शिकार नहीं शिल्पकार सुहानी की आंख खुली, अधमून्दी आँखों से उसने अपना माथा पकड़ते हुए सब कुछ देखने समझने की कोशिश की। उसका सर चकरा रहा था। जी मिचला रहा…
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शिकार नहीं शिल्पकार सुहानी की आंख खुली, अधमून्दी आँखों से उसने अपना माथा पकड़ते हुए सब कुछ देखने समझने की कोशिश की। उसका सर चकरा रहा था। जी मिचला रहा…
Read moreपर्यावरण संरक्षण गतिविधि जनक जिला की बैठक सफलतापूर्वक सम्पन्न नई दिल्ली, [तिथि] – पर्यावरण संरक्षण गतिविधि जनक जिला की बैठक गौरीशंकर उद्यान विकास पूरी में आयोजित की गई, जिसमें जनकपुरी,…
Read moreबेंगलुरू : साहित्य साधक मंच के तत्ववधान में संस्था का 222 वां मासिक सारस्वत कार्यक्रम बिहार के वरिष्ठ ग़ज़लकार सुनील कुमार तंग की अध्यक्षता एवं गर्भनाल पत्रिका के संपादक आत्माराम…
Read more“प्लाटून कमांडर विंग” परिवार को समर्पित काव्य संग्रह, “स्मृतियों का सिपाही” का भव्य लोकार्पण सुबेदार नफे सिंह योगी मालड़ा प्लाटून कमांडर विंग,( ग्यारह कुमाऊँ), सुपुत्र श्री बलबीर सिंह (पी टी…
Read moreकुँ० प्रवल प्रताप सिंह राणा ‘प्रवल’ / साहित्य 24 बैंगलोर की अग्रणी साहित्यिक संस्था साहित्य साधक मंच का 221 वां मासिक सारस्वत कार्यक्रम आल इंडिया रेडियो,बेंगलुरु के पूर्व निदेशक श्री…
Read moreIs Today’s Life…? Is today’s life a bazaar,where emotions are priced,truth is discounted,and silence sells the fastest? Is it a book,half-read, often misunderstood,where people judge the coverbut never pause for…
Read moreयाद करोगे मुझको हरपल,पढ़कर मेरे गीत।अक्षर अक्षर में ढूंढोगे,मुझको मेरे मीत।। पुस्तक मेरी रख अब सोते,समझ सके ना पीड़खुद को तुम तन्हा पाओगे,हो चाहे जग भीड़शब्द शब्द में छलकेगा जी,उल्फत…
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