एआई का भविष्य एजेंटिक एआई
आजकल हम जिस एआई का प्रयाग करते हैं उसको जेनरेटिव एआई कहते हैं जेनरेटिव एआई जहां जवाब देता है, वहीं एजेंटिक एआई खुद काम करने की क्षमता रखता है. लक्ष्य समझकर योजना बनाने और निर्णय लेने की क्षमता इसे अगली पीढ़ी का एआई बना रही है.आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की दुनिया तेजी से बदल रही है. कुछ समय पहले तक जेनरेटिव एआई (जेन एआई) चर्चा में था, जो इंसानों की तरह लेख लिख सकता है, सवालों के जवाब दे सकता है, तस्वीरें बना सकता है और कोड तैयार कर सकता है. लेकिन अब एआई का अगला चरण एजेंटिक एआई के रूप में देखा जा रहा है. जहां जेन एआई यूजर के निर्देश पर कंटेंट तैयार करता है, वहीं एजेंटिक एआई किसी लक्ष्य को समझकर खुद योजना बना सकता है और कई चरणों में काम पूरा करने की कोशिश कर सकता है.
क्या है जेनरेटिव एआई?
जेनरेटिव एआई ऐसे एआई मॉडल हैं जो बड़ी मात्रा में डेटा से सीखकर नया कंटेंट बना सकते हैं.इसका उपयोग: लेख लिखने, ईमेल तैयार करने, कोड बनाने, तस्वीर और वीडियो बनाने, जानकारी का सारांश तैयार करने जैसे कामों में किया जाता है. चैटजीपीटी, जेमिनी और क्लॉड जैसे बड़े भाषा मॉडल जेन एआई के उदाहरण हैं.आसान भाषा में समझें तो जेन एआई एक ऐसा डिजिटल सहायक है, जो पूछे गए सवाल का जवाब देता है. लेकिन यह आमतौर पर खुद से कोई नया लक्ष्य तय करके काम शुरू नहीं करता.
एजेंटिक एआई क्या है?
एजेंटिक एआई जेन एआई से एक कदम आगे की तकनीक है. इसमें एआई केवल जवाब देने के बजाय किसी लक्ष्य को पूरा करने के लिए खुद कई कदम उठा सकता ह. उदाहरण के लिए अगर कोई यूजर कहता है: “मेरी दिल्ली यात्रा की पूरी योजना बनाओ.”, तो जेन एआई केवल फ्लाइट, होटल और यात्रा की जानकारी दे सकता है. लेकिन एजेंटिक एआई फ्लाइट की जानकारी खोज सकता है, कीमतों की तुलना कर सकता है, होटल चुन सकता है, कैलेंडर में कार्यक्रम जोड़ सकता है, जरूरी संदेश भेज सकता है यानी इसका काम सिर्फ जानकारी देना नहीं बल्कि कार्य पूरा करना है.
एजेंटिक एआई काम कैसे करता है?
एजेंटिक एआई के पीछे कई तकनीकें मिलकर काम करती हैं, सबसे पहले लार्ज लैंग्वेज मॉडल (एलएलएम) यूजर के लक्ष्य को समझता है. इसके बाद एआई उस काम को छोटे-छोटे हिस्सों में बांटकर योजना बनाता है. इस प्रक्रिया में मेमोरी सिस्टम पुरानी जानकारी याद रखता है, प्लानिंग सिस्टम आगे के कदम तय करता है, टूल्स और एपीआई बाहरी सेवाओं से जुड़ते हैं, एक्जीक्यूशन सिस्टम वास्तविक कार्य करता है. यही क्षमता एजेंटिक एआई को सामान्य चैटबॉट से अलग बनाती है.
कहां होगा इसका इस्तेमाल? एजेंटिक एआई का उपयोग कई क्षेत्रों में बढ़ सकता है. बिजनेस में यह रिपोर्ट तैयार करने, ग्राहकों के सवालों का जवाब देने और कई प्रक्रियाओं को ऑटोमेट करने में मदद कर सकता है. रिसर्च में एआई एजेंट शोध पत्रों का विश्लेषण, जानकारी की खोज और डेटा अध्ययन में सहायता कर सकते हैं. व्यक्तिगत कामों में भविष्य में एआई सहायक मीटिंग मैनेज करने, यात्रा की योजना बनाने और रोजमर्रा के कामों को संभालने में सक्षम हो सकते हैं.
लेकिन चुनौतियां भी हैं
एजेंटिक एआई की बढ़ती क्षमता के साथ कुछ सवाल भी जुड़े हैं.अगर एआई किसी लक्ष्य को गलत समझ ले तो गलत निर्णय लिए जा सकते हैं. इसके अलावा सुरक्षा भी बड़ी चुनौती है, क्योंकि अधिक अधिकार मिलने पर एआई के कामों पर नियंत्रण जरूरी होगा. इसके लिए बेहतर प्रशिक्षण, सुरक्षा नियम और मानव निगरानी की जरूरत होगी.
चैटबॉट से एआई कार्यकर्ता तक का सफर
एआई का विकास अब एक नए चरण में पहुंच रहा है. पारंपरिक सॉफ्टवेयर -> मशीन लर्निंग ->
जेनरेटिव एआई (कंटेंट बनाने वाला एआई) -> एजेंटिक एआई (कार्य करने वाला एआई)| जेन एआई ने मशीनों को बनाने और जवाब देने की क्षमता दी है, जबकि एजेंटिक एआई उन्हें योजना बनाने और कार्य करने की दिशा में आगे ले जा रहा है. विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में एआई केवल सवालों का जवाब देने वाला टूल नहीं रहेगा, बल्कि डिजिटल कार्यकर्ता की तरह जटिल कामों में इंसानों की मदद कर सकता है.
लेखक : दीपक पांडे
ए आई तकनिकी विशेषज्ञ
ऐ आई गेस्ट लेक्चरर : आई आई टी

