जब तेरा कोई ख्वाब आता है।

सुर्ख चेहरे पे आब आता है।

मत सता ज्यादती से ही दुनिया ,

में सदा इंकलाब आता है।

दूरियाँ दिल में जब कभी आई

बीच में फ़िर हिसाब आता है।

चाह फूलों की है जब जाना ,

तब से ले कर ग़ुलाब आता है।

शैल, कहती है रोज़ महफ़िल में,

वो ले जाम- ए- शराब आता है।

शैल की ✍️🌹

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