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अंतर्मन के दोहे

अंतर्मन के दोहे

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Description

“अंतर्मन के दोहे” जीवन के विविध अनुभवों, मानवीय मूल्यों, सामाजिक सरोकारों और आत्मिक चिंतन को दोहों के माध्यम से अभिव्यक्त करने का एक विनम्र प्रयास है।

इस संग्रह के दोहे पाठकों को जीवन की वास्तविकताओं से परिचित कराते हुए सत्य, नैतिकता, प्रेम, करुणा, संघर्ष और आत्मबोध की ओर प्रेरित करते हैं। सरल भाषा और गहन भावों से सजे ये दोहे भारतीय काव्य परंपरा की समृद्ध विरासत को आगे बढ़ाते हैं।

यह पुस्तक केवल पढ़ने के लिए नहीं, बल्कि जीवन को समझने और स्वयं को पहचानने की एक सार्थक यात्रा है।


📖 Back Cover Description

मानव जीवन अनुभवों का अथाह सागर है। इन अनुभवों से जन्मे विचार जब दोहों का रूप लेते हैं, तो वे केवल शब्द नहीं रहते, बल्कि जीवन के मार्गदर्शक बन जाते हैं।

“अंतर्मन के दोहे” ऐसे ही विचारों का संग्रह है जो मनुष्य को आत्मचिंतन, सदाचार, संवेदनशीलता और सकारात्मक जीवन-दृष्टि की ओर प्रेरित करता है। प्रत्येक दोहा जीवन के किसी न किसी सत्य को सरल और प्रभावशाली रूप में प्रस्तुत करता है।

यह पुस्तक उन पाठकों के लिए समर्पित है जो साहित्य में ज्ञान, प्रेरणा और जीवन-दर्शन की खोज करते हैं।


👩‍💼 Author Line

“मनसा शुक्ला के दोहे अंतर्मन की अनुभूतियों और जीवन के गहन सत्यों का सहज एवं सारगर्भित प्रतिबिंब हैं।”

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