सुर साहित्य परिषद् द्वारा ‘गद्य व्यंग्य का सच ‘कार्यशाला एवं काव्य गोष्ठी का आयोजन- Seema Ranga

सुर साहित्य परिषद् द्वारा ‘गद्य व्यंग्य का सच ‘कार्यशाला एवं काव्य गोष्ठी का आयोजन
सीमा रंगा इन्द्रा

नई दिल्ली। सुर साहित्य परिषद् के तत्वावधान में 19 जुलाई 2026, रविवार को’ गद्य व्यंग्य का सच’ कार्यशाला एवं काव्य गोष्ठी का सफल आयोजन पंजाबी अंगीठी ,पश्चिम विहार, नई दिल्ली में किया गया। कार्यक्रम में साहित्य, कविता और रंगमंच से जुड़े अनेक रचनाकारों एवं साहित्य प्रेमियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की |
प्रो हरीश नवल जी ने गद्य व्यंग्य , साहित्य और सृजनात्मक अभिव्यक्ति के विविध आयामों पर अपने विचार व्यक्त किए।
कार्यक्रम के दौरान जलपान एवं भोजन की व्यवस्था भी प्रो हरीश नवल जी एवं सुधा नवल जी द्वारा की गयी |

कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित काव्य गोष्ठी में आमंत्रित कवियों एवं कवयित्रियों ने अपनी उत्कृष्ट रचनाओं का पाठ कर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। इस अवसर पर प्रो हरीश नवल ,प्रो सुधा नवल ,डॉ संजय जैन, डॉ. उर्वी ऊदल, डॉ ० सीमा वत्स , अंकुर मिश्रा,अदिति अस्थाना, कुसुम शर्मा जी ,उमंग सरीन जी एवं सुमित राजौरा जी ने अपनी सशक्त काव्य प्रस्तुतियाँ दीं।

कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों ने साहित्य और व्यंग्य से जुड़े विभिन्न विषयों पर प्रश्न पूछे, जिनका प्रो. हरीश नवल जी ने विस्तारपूर्वक उत्तर देकर मार्गदर्शन किया। संवाद और सहभागिता का यह सत्र उपस्थित जनों के लिए अत्यंत प्रेरणादायक रहा।

कार्यक्रम के संयोजन एवं संचालन में सुर साहित्य परिषद् की टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। कार्यक्रम का संचालन सुर साहित्य परिषद् के संस्थापक डॉ ० संजय जैन ने किया। परिषद् के संस्थापक एवं अध्यक्ष डॉ. संजय जैन ने कहा कि संस्था का उद्देश्य साहित्य, संस्कृति और रंगमंच के माध्यम से रचनात्मक चेतना को प्रोत्साहित करना तथा नई पीढ़ी को भारतीय साहित्यिक परंपरा से जोड़ना है।

कार्यक्रम का समापन सभी अतिथियों, प्रतिभागियों और साहित्य प्रेमियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए किया गया। उपस्थित जनों ने इस आयोजन को ज्ञानवर्धक, प्रेरणादायक एवं सफल बताया।
अंत में टीम सुर साहित्य परिषद् ने प्रो हरीश नवल एवं सुधा नवल जी का विशेष आभार व्यक्त किया |