मुझे अफ़सोस है – प्रिवंशी चारण

मुझे अफ़सोस है
नहीं उठी आवाज या लठिया उन बलत्कारियो पे..

मुझे अफ़सोस है नहीं उठी लाठियाँ
देश को लूटने वालो पे…

मुझे अफ़सोस है नहीं उठी लाठियां कानून ख़रीदने वालो पे..

मुझे अफ़सोस है नहीं उठे सवाल मीडिया ने नी उठाई लाठियां सरकार ने
राम मंदिर एम चंदा चोरी करने वालो पे….

मुझे अफ़सोस है नहीं उठयी लाठियाँ सत्ता एम बैठे धर्म व्यापार पे।

पर मुझे अफ़सोस है
उठ रही है लठियाँ देश को सुधारने वालों पे

मुझे अफसोस है उठ रही लठिया उन नौ जवानों पर
जो आपने ही हक के लिए खड़े हैं जंतर-मंतर पे

मुझे अफ़सोस है नहीं उठयी लाठियाँ वीडियो बनाने वाली महिलाओं पे

अफ़सोस है आज उठ रही है लाठियाँ संघर्ष एम खड़ी हुई महिला पे….

प्रिवंशी चारण