मन बुद्धि चित्त —–

मन बुद्धि चित्त —–

मन बुद्धि चित्त चंचल
काम इन्द्रिय ज्ञान
इद्रीय काया कर्म प्रधान!!

चंचल चित्त विकार
प्रधान चित्त अधीन मन
गतिमान वायु समान!!

बुद्धि विवेक संयम
संतुलन काया माया मोह
विकार का विश्लेषण शस्त्र
शास्त्र न्याय अन्याय!!

स्व कल्याण सार्थक
दृष्टि दिशा दृष्टिकोण
बुद्धि व्यवहार!!

सार्थक सकारात्मक
नैतिक मूल्य मर्यादा
काया कर्म गति निर्वाह!!

जन्म जीवन मौलिक
मूल्य संस्कृति संस्कार!!

मन अनियत्रित काम
क्रोध स्वार्थ स्वहित
सिद्धि सत्यार्थ क्रोध मद
लोभ द्वेष दम्भ पर्याय!!

मूढ़ मति तब बुद्धि
गागर मे काल कूट बस
जाय भर जाय!!

शक्ति भक्ति कि जीवन का
सम्बल बूँद बूँद से बुद्धि
गागर समता दया प्राणी दर्द
वेदना निवारक सागर
बन जाय!!

भक्ति शिव आराधन
अस्तित्व दोष निवारण
स्तुति आराधना!!

मन बुद्धि चित्त चंचल
काम इन्द्रिय ज्ञान इद्रीय
काया कर्म प्रधान!!

चंचल चित्त विकार प्रधान
चित्त अधीन मन गतिमान
वायु समान!!

बुद्धि विवेक संयम
संतुलन काया माया
मोह विकार का विश्लेषण
शस्त्र शास्त्र न्याय
अन्याय!!

स्व कल्याण सार्थक
दृष्टि दिशा दृष्टिकोण
बुद्धि व्यवहार!!

सार्थक सकारात्मक
नैतिक मूल्य मर्यादा
काया कर्म गति निर्वाह!!

जन्म जीवन मौलिक
मूल्य संस्कृति संस्कार!!

मन अनियत्रित काम
क्रोध स्वार्थ स्वहित
सिद्धि सत्यार्थ क्रोध
मद लोभ द्वेष दम्भ पर्याय!!

मूढ़ मति तब बुद्धि
गागर मे काल कूट
बस जाय भर जाय!!

शक्ति भक्ति जीवन का
सम्बल बूँद बूँद से बुद्धि
गागर समता दया प्राणी
दर्द वेदना निवारक सागर
बन जाय!!

भक्ति शिव आराधन
अस्तित्व दोष निवारण
स्तुति आराधना!!

पर ब्रह्म विष्णु शिव
द्वय जीवन हितकारी
साध्य साधना आराधना!!

भाव विवेक प्राणी
परमेश्वर मंगल कामना से
पूर्ण परिपूर्ण अरे मुड़ मति
बुद्धि के गागर भर त्याग
विकार!!

दम्भ अहंकार विकार
नकारात्मकता नकार!!

ईश्वर आत्मा का सत्य
बोध काया मे ही शोध
खोज पूजा वंधन!!

मन बुद्धि चित पर
सदकर्म सदभाव
निष्कपट निर्विकर
अविरल प्रवाह!!

शिव सत्य सार परमात्मा
प्रकृति सत्य सारांशर ब्रह्म
विष्णु शिव द्वय जीवन
हितकारी!!

साध्य साधना आराधना
भाव विवेक प्राणी
परमेश्वर मंगल कामना से
पूर्ण परिपूर्ण अरे मुड़
मति बुद्धि के गागर भर!!

दम्भ अहंकार विकार
नकारात्मकता नकार!!

ईश्वर आत्मा का सत्य
बोध काया मे ही शोध
खोज पूजा वंधन मन
बुद्धि चित पर नियत्रण!!

सदकर्म सदभाव निष्कपट
निर्विकर अविरल प्रवाह
शिव सत्य सार परमात्मा
प्रकृति सत्य से बुद्धि गागर
भर सत्य सारांश!!

नन्दलाल मणि त्रिपाठी पीताम्बर गोरखपुर उत्तर प्रदेश!!