काव्य कृति “अब आएगी भोर'” का हुआ लोकार्पण – साहित्य साधक मंच की 221 वीं गोष्ठी में झूमे श्रोता

कुँ० प्रवल प्रताप सिंह राणा ‘प्रवल’ / साहित्य 24

बैंगलोर की अग्रणी साहित्यिक संस्था साहित्य साधक मंच का 221 वां मासिक सारस्वत कार्यक्रम आल इंडिया रेडियो,बेंगलुरु के पूर्व निदेशक श्री मिलनसार अहमद की अध्यक्षता एवं मेरठ के वरिष्ठ साहित्यकार डॉ रामगोपाल भारतीय के मुख्य आतिथ्य में संपन्न हुआ। वाराणसी के वरिष्ठ साहित्यकार जयशंकर सिंह, ग़ज़लकार सुरेंद्र कोहली सूरी, शिक्षाविद श्री प्रशान्त गोयल,कन्नड़ कवि वेंकटप्पा और काव्या खन्ना ने विशिष्ट अतिथि के रूप में मंच की शोभा बढ़ाई। अर्जुन सिंह धर्मधारी ने माँ शारदे की वंदना प्रस्तुत की। राधेश्याम यादव सुदर्शन ने काव्या खन्ना का परिचय देते हुए उनकी पुस्तक “अब आएगी भोर” की समीक्षा प्रस्तुत की। तत्पश्चात् मंचासीन अतिथियों द्वारा पुस्तक अब आएगी भोर का लोकार्पण किया गया। इस अवसर पर काव्या खन्ना ने अपनी काव्य कृति ‘अब आएगी भोर’ की’ रचना प्रक्रिया पर प्रकाश डालते हुईं उपस्थित काव्य प्रेमियों एवं साहित्यकारों का आभार प्रकट किया। मंच की ओर से कर्नाटक शैली मैं काव्या खन्ना का सम्मान किया गया। काव्य गोष्ठी सत्र में मिलनसार अहमद,डाॅ रामगोपाल भारतीय,जय शंकर सिंह ,कुमार बृजेन्द्र, जसवंत चावला , सुरिंदर कोहली सूरी, दर्शन बेज़ार, अर्जुन सिंह धर्मधारी, भूपेंद्र सिंह “कटाक्ष”, अमरपाल सिंह, रघुवीर अग्रवाल बंधु, अमित अनन्त भारतीय, रचना उनियाल,एच आर नरसिंहमन, उदय प्रताप सिंह, राधेश्याम सुदर्शन, प्रभात रंजन, हरप्रीत नागपाल,पूनम सिन्हा, सुधा अहलुवालिया, प्रवल प्रताप सिंह राणा, काव्या खन्ना, सुशील कुमार, डाॅ सुधा आदेश, श्रीलाल जोशी, मैसूर, राही राज़, प्रीति राही, स्वीटी सिंघल, ज्ञानचंद मर्मज्ञ, तुषार त्रिपाठी, मधु माहेश्वरी, कामिनी शर्मा,,जी वेंकटप्पा, वरुण दीक्षित, राहुल राज़ और ईश्वरचंद मिश्रा ने अपनी रचनाओं से श्रोताओं की खूब वाहवाही बटोरी। संचालन मंच के अध्यक्ष ज्ञानचंद मर्मज्ञ ने किया , मर्मज्ञ जी ने बताया कि प्रत्येक मास के अंतिम रविवार को गोष्ठी आयोजित की जाती है सभी साहित्यकार आमन्त्रित हैं साहित्य 24 समूह भी मंच की सफलता की कामना करते हैं।