साहित्य साधक मंच का 225 वां सारस्वत कार्यक्रम संपन्न कविता संग्रह ‘अजनबी शहर में ‘ पर हुई सार्थक चर्चा*
साहित्य 24 / कुँ० प्रवल प्रताप सिंह राणा ‘प्रवल’
बेंगलुरू (कर्नाटक) – बंगलुरु की अग्रणी साहित्यिक संस्था साहित्य साधक मंच का 225 वां मासिक सारस्वत कार्यक्रम वरिष्ठ ग़ज़लकार श्री सुरेंद्र कोहली सूरी की अध्यक्षता एवं वरिष्ठ कवि डॉ जय सिंह ‘अलवरी’ के मुख्य आतिथ्य में संपन्न हुआ। कवि अर्जुन सिंह धर्मधारी एवं वरिष्ठ कवयित्री गिरिजा कुलश्रेष्ठ ने विशिष्ठ अतिथि के रूप में मंच की गरिमा बढ़ाई। कार्यक्रम के प्रथम सत्र में गिरिजा कुलश्रेष्ठ द्वारा विरचित कविता संग्रह ‘अजनबी शहर में’ पर चर्चा हुई जिसमें प्रोफ़ेसर मैथिलि पी राव, मंजू वेंकट और ज्ञानचंद मर्मज्ञ ने अपने विचार रखे। चर्चाकारों ने पुस्तक को समय का प्रतिबिम्ब बताते हुए कहा कि ‘अजनबी शहर में’ गिरिजा जी की अनुभूतियों का उत्कृष्ट काव्य संग्रह है जहाँ वे जीवन के उन मूल्यों का ढूंढने का प्रयास करती हैं जो समय के साथ विलुप्त होते जा रहे हैं। पुस्तक छीजती हुई मानवीय संवेदना के निर्जन तट पर भटकती हुई आत्मीयता और विश्वास को सहेजने का जतन करते हुए मनुष्य के आचरण में उगते हुई जंगलों पर प्रश्न खड़ा करती है। चर्चा सत्र के दौरान गिरिजा जी ने श्रोताओं के मन में उमड़ते हुए प्रश्नों का समाधान कर सत्र को सारगर्भित ऊंचाई प्रदान की। सत्र का सञ्चालन कवि भूपेंद्र सिंह कटाक्ष ने किया।
कार्यक्रम के द्वितीय चरण में आयोजित सरस काव्य गोष्ठी का शुभारम्भ पद्मा श्रीनिवासन वसुधा द्वारा प्रस्तुत माँ शारदे की वंदना से हुआ। काव्य गोष्ठी में प्रतीक्षा तिवारी, रचना उनियाल, डाॅ जयसिंह अलवरी, सुरेंद्र कोहली सूरी, सुधा अहलूवालिया, अनीता निहालानी, डॉ रजनी शाह, अर्जुन सिंह धर्मधारी, मंजू वेंकट, गिरिजा कुलश्रेष्ठ, ज्ञानचंद मर्मज्ञ, डॉ कृष्ण शर्मा अशेष, अमित अनन्त, उमा नाग, राही राज़, पूनम बेलानी, रघुबीर अग्रवाल, बापू गौड़ा पाटिल, सुशील कुमार, पद्मा श्रीनिवासन, नमिता सिन्हा, स्वीटी सिंघल सखी, सुधा दीक्षित, डॉ मृदुला सिंह, डॉ शैलजा रोला, प्रशांत कुलश्रेष्ठ, आशारानी शरण, भूपेंद्र सिंह कटाक्ष, दीपक पांडेय, उषा उमेश गुप्ता, डॉ अजित कुमार, अधिवक्ता अंजू भारती, पूर्णिमा भगवान और डॉ राज ने अपनी उत्कृष्ट प्रस्तुतियों से कार्यक्रम को ऊंचाई प्रदान किया।
कार्यक्रम में डॉ जावेद, उमेश गुप्ता, मैथिलि पी राव, डॉ कृष्णा अनुराग, एम सी निहालानी, मयंक कुलश्रेष्ठ, अरविन्द अहलूवालिया, अजय कुमार यादव, विजय कुमार, श्वेता और शरद विशेष रूप से उपस्थित थे।
सञ्चालन मंच के अध्यक्ष और वरिष्ठ साहित्यकार ज्ञानचंद मर्मज्ञ ने किया। साहित्य 24 परिवार भी साहित्य साधक मंच को हार्दिक बधाई प्रेषित करता है।

