बिहार के राज्यपाल ने कवि ईश्वर चन्द्र विद्यावाचस्पति को किया सम्मानित

साहित्य 24 / कुँ० प्रवल प्रताप सिंह राणा ‘प्रवल’

मेंहदावल (संत कबीर नगर): नगर के वरिष्ठ कवि ईश्वर चन्द्र विद्यावाचस्पति को उनकी दीर्घकालीन हिन्दी साहित्य सेवा के लिये बिहार के राज्यपाल आरिफ मुहम्मद खान ने शाल और राम वृक्ष बेनीपुरी स्मृति सम्मान देकर सम्मानित किया है l
बिहार हिन्दी साहित्य सम्मेलन के 44 वें दो दिवसीय महाधिवेशन कदमकुआं पटना में 20-21 दिसंबर में उक्त सम्मान प्रदान किया।
आयोजन में शामिल होने पहुँचने पर कवियों कवयित्रियों का स्वागत द्वार पर टीका लगाकर महाधिवेशन का सुन्दर बैग, पत्रिका, फाइल और लेखनी देकर अभिनंदन किया गया l दो दिनों के आयोजन में कुल आठ वैचारिक सत्र, साँस्कृतिक कार्यक्रम तथा कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया l मारीशस से पधारी सरिता बुधे ने उपस्थित होकर इसे अंतरराष्ट्रीय बना दिया l
हिन्दी को बढ़ावा देने के लिये प्रतिबद्ध प्रसिद्ध वरिष्ठ गीतकार बुद्धिनाथ मिश्र की अध्यक्षता तथा ब्रह्मानंद पांडेय के संचालन में आयोजित अखिल भारतीय कवि सम्मेलन में काव्य पाठ करके ईश्वर चन्द्र ने मेंहदावल का नाम एक बार फिर अन्तरराष्ट्रीय स्तर पर रोशन किया है l यहाँ देश भर के विभिन्न राज्यों के कवि लेखक उपस्थिति थे l इसके पहले भी ईश्वर जी को छ: राष्ट्रीय और पाँच अंतरराष्ट्रीय सम्मान मिल चुका है l

उनकी कविता की पंक्तियाँ-
‘हिन्दी में ही राष्ट्रगान गूँज उठे विश्व में, ध्वज हिन्दी का विश्व में लहराना चाहिये’ सुनकर समूचा हाल तालियों की गड़गड़ाहट से देर तक गूँजता रहा।
ईश्वर चंद्र विद्यावाचस्पति की इस गरिमामयी उपलब्धि पर क्षेत्र के गिरिराज सिंह, बलवन्त सिंह, संत प्रसाद, मोहर नाथ मिश्रा, राजेन्द्र बहादुर सिंह हंस, अम्बर बस्तवी, ब्रह्मनाथ पांडेय मधुर, राजेश मृदुल, श्याम कार्तिकेय, अजीत यादव, छेदी लाल वर्मा, परदेसी, आदि सहित शिवनाथ सिंह शिव, इंद्रेश भदौरिया (रायबरेली), यमराज मित्र सुधीर श्रीवास्तव (गोण्डा), खालिद हुसैन सिद्दीकी (लखनऊ), आचार्यकुल के राष्ट्रीय अध्यक्ष/पूर्व कुलपति आचार्य धर्मेंन्द्र कुमार तिवारी, साहित्य 24 के वरिष्ठ उपाध्यक्ष कुँ० प्रवल प्रताप सिंह राणा आदि अनेकों साहित्यिक मनीषियों, प्रबुद्धजनों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए बधाइयां, शुभकामनाएं दी हैं।