2014 से 2026 तक भारत का विकास : 60 प्रमुख क्षेत्रों की शोध-रिपोर्ट
2014 से 2026 तक भारत का विकास : 60 प्रमुख क्षेत्रों की शोध-रिपोर्ट
सरकारी योजनाओं, उपलब्ध आंकड़ों और उदाहरणों के आधार पर
प्रस्तावना
2014 से 2026 के बीच भारत में विकास को केवल GDP वृद्धि के रूप में नहीं देखा जा सकता। इस अवधि में अर्थव्यवस्था, आधारभूत संरचना, स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, डिजिटल तकनीक, उद्योग, वित्तीय समावेशन, सामाजिक सुरक्षा, महिला सशक्तिकरण, पर्यावरण और विज्ञान सहित अनेक क्षेत्रों में सरकारी कार्यक्रमों का विस्तार हुआ। आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 भी कृषि, उद्योग, सेवाएं, अवसंरचना, शिक्षा-स्वास्थ्य, रोजगार-कौशल, ग्रामीण विकास, AI, शहरीकरण और पर्यावरण को विकास के प्रमुख आयामों के रूप में दर्ज करता है।
नीचे 60 क्षेत्रों का संक्षिप्त, शोध-पत्र के लिए उपयोगी वर्गीकरण दिया गया है।

1. सड़क परिवहन
राष्ट्रीय राजमार्गों का विस्तार हुआ और ग्रामीण सड़कों की कनेक्टिविटी बढ़ी। PMGSY के तहत जून 2026 तक पात्र ग्रामीण बस्तियों में लगभग 99.6% सड़क संपर्क दर्ज किया गया। ([Press Information Bureau][1])
2. रेलवे
रेलवे विद्युतीकरण तेजी से बढ़ा और मार्च 2026 तक लगभग 99.6% ब्रॉडगेज नेटवर्क विद्युतीकृत बताया गया। वंदे भारत और अमृत भारत जैसी सेवाएं उदाहरण हैं। ([Press Information Bureau][2])
3. नागरिक उड्डयन
हवाई अड्डों और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी का विस्तार हुआ। 2026 में देश में 165 एयरोड्रोम दर्ज किए गए, जो 2014 की तुलना में 91 अधिक हैं। ([Press Information Bureau][3])
4. बंदरगाह
Sagarmala के माध्यम से बंदरगाह क्षमता, कनेक्टिविटी और लॉजिस्टिक्स को विकसित किया गया।
5. अंतर्देशीय जलमार्ग
राष्ट्रीय जलमार्गों के विकास से माल परिवहन के वैकल्पिक साधनों को बढ़ावा मिला।
6. बिजली उत्पादन
स्थापित बिजली क्षमता में बड़ा विस्तार हुआ और बिजली उपलब्धता में सुधार हुआ।
7. ग्रामीण विद्युतीकरण
SAUBHAGYA के तहत मार्च 2019 तक इच्छुक घरों के विद्युतीकरण का लक्ष्य पूरा होने की सरकारी सूचना दी गई। ([Press Information Bureau][4])
8. सौर ऊर्जा
Solar PV और रूफटॉप सोलर को बढ़ावा मिला; PM Surya Ghar इसका प्रमुख उदाहरण है।
9. पवन ऊर्जा
भारत की अक्षय ऊर्जा क्षमता में पवन ऊर्जा का योगदान बढ़ा।
10. हरित ऊर्जा
गैर-जीवाश्म ऊर्जा क्षमता और स्वच्छ ऊर्जा निवेश को राष्ट्रीय ऊर्जा नीति में अधिक महत्व मिला।
11. डिजिटल इंडिया
इंटरनेट, डिजिटल सरकारी सेवाओं और ऑनलाइन नागरिक सेवाओं का विस्तार हुआ।
12. दूरसंचार
मोबाइल और डेटा उपयोग में तेज वृद्धि हुई। FY2025-26 में वायरलेस डेटा खपत 2,85,376 पेटाबाइट दर्ज हुई। ([Press Information Bureau][3])
13. UPI
डिजिटल भुगतान ने छोटे व्यापारियों से लेकर सामान्य नागरिकों तक वित्तीय लेनदेन को बदल दिया।
14. जन-धन बैंकिंग
प्रधानमंत्री जन-धन योजना के माध्यम से बैंकिंग सेवाओं की पहुंच बढ़ाने का प्रयास हुआ।
15. प्रत्यक्ष लाभ अंतरण
DBT के माध्यम से अनेक सरकारी लाभ सीधे बैंक खातों में भेजे गए।
16. आधार आधारित सेवाएं
पहचान और विभिन्न सरकारी सेवाओं के डिजिटल एकीकरण का विस्तार हुआ।
17. GST व्यवस्था
2017 में GST लागू होने से अप्रत्यक्ष कर व्यवस्था को एकीकृत करने का प्रयास किया गया।
18. स्टार्टअप क्षेत्र
Startup India के माध्यम से नए उद्यमों और नवाचार को प्रोत्साहन मिला।
19. MSME विकास
MUDRA, क्रेडिट योजनाओं और डिजिटल पंजीकरण के माध्यम से छोटे व्यवसायों को सहायता दी गई।
20. विनिर्माण
Make in India और PLI योजनाओं से घरेलू उत्पादन बढ़ाने पर जोर दिया गया। मार्च 2026 तक PLI योजनाओं में ₹2.40 लाख करोड़ से अधिक वास्तविक निवेश की सरकारी सूचना है। ([Press Information Bureau][5])
21. इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण
मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के घरेलू निर्माण में वृद्धि हुई। PLI के तहत मोबाइल उत्पादन और घरेलू विनिर्माण क्षमता में विस्तार दर्ज किया गया। ([Press Information Bureau][5])
22. फार्मास्यूटिकल उद्योग
दवा उत्पादन और महत्वपूर्ण APIs के घरेलू निर्माण को बढ़ावा मिला। ([Press Information Bureau][5])
23. मेडिकल उपकरण
Medical Devices क्षेत्र को PLI जैसी नीतियों से प्रोत्साहन मिला।
24. ऑटोमोबाइल
Automobile और auto-component manufacturing को उत्पादन-आधारित प्रोत्साहन मिला।
25. सेमीकंडक्टर
Semiconductor manufacturing ecosystem स्थापित करने की दिशा में सरकारी निवेश और नीतियां शुरू हुईं।
26. कपड़ा उद्योग
Textile और technical-textile क्षेत्र में उत्पादन तथा निर्यात क्षमता बढ़ाने के कार्यक्रम चलाए गए।
27. खाद्य प्रसंस्करण
Food Processing को कृषि और उद्योग के बीच मूल्यवर्धन के साधन के रूप में बढ़ावा मिला।
28. कृषि
PM-KISAN, सिंचाई, फसल बीमा और कृषि अवसंरचना के माध्यम से किसानों को सहायता दी गई।
29. सिंचाई
प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना ने सिंचाई विस्तार और जल-उपयोग दक्षता पर जोर दिया। ([Press Information Bureau][2])
30. किसान उत्पादक संगठन
FPO के माध्यम से किसानों को सामूहिक खरीद, उत्पादन और बाजार से जोड़ने का प्रयास हुआ।
31. खाद्य सुरक्षा
PM Garib Kalyan Anna Yojana के तहत 81.35 करोड़ से अधिक लाभार्थियों को मुफ्त खाद्यान्न उपलब्ध कराने की सरकारी सूचना है। ([Press Information Bureau][4])
32. ग्रामीण विकास
PMGSY, ग्रामीण आवास, जल और रोजगार योजनाओं के माध्यम से ग्रामीण आधारभूत संरचना विकसित हुई।
33. स्वास्थ्य बीमा
आयुष्मान भारत-PMJAY ने पात्र परिवारों के लिए अस्पताल उपचार की वित्तीय सुरक्षा का विस्तार किया।
34. प्राथमिक स्वास्थ्य
आयुष्मान आरोग्य मंदिरों के माध्यम से प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं का नेटवर्क विस्तृत हुआ। अगस्त 2026 में 1.86 लाख से अधिक केंद्र कार्यरत बताए गए। ([Press Information Bureau][4])
35. मेडिकल शिक्षा
मेडिकल कॉलेजों और MBBS/PG सीटों में उल्लेखनीय विस्तार हुआ।
36. जनऔषधि
सस्ती जेनेरिक दवाओं की उपलब्धता बढ़ाने के लिए प्रधानमंत्री भारतीय जनऔषधि परियोजना का विस्तार किया गया।
37. टेलीमेडिसिन
eSanjeevani ने दूरदराज के मरीजों को डॉक्टरों से डिजिटल परामर्श की सुविधा दी।
38. स्कूली शिक्षा
Samagra Shiksha के माध्यम से स्कूल अवसंरचना, डिजिटल शिक्षा और कौशल शिक्षा को बढ़ावा मिला।
39. उच्च शिक्षा
विश्वविद्यालयों, IIT, IIM तथा अन्य उच्च शिक्षण संस्थानों के विस्तार और नई शिक्षा नीति के माध्यम से सुधार की दिशा बनाई गई।
40. कौशल विकास
Skill India, PMKVY और औद्योगिक कौशल प्रशिक्षण के माध्यम से रोजगारपरक प्रशिक्षण पर जोर दिया गया।
41. महिला शिक्षा
महिला नामांकन और स्कूलों में बालिकाओं के लिए सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया गया। सरकारी आंकड़ों के अनुसार प्राथमिक स्तर पर बालिका dropout दर 2013-14 के 4.6% से घटकर 2025-26 में 0.1% हुई। ([Press Information Bureau][4])
42. महिला सशक्तिकरण
SHG, वित्तीय समावेशन, उद्यमिता और महिला-केंद्रित योजनाओं का विस्तार हुआ।
43. आवास
प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत ग्रामीण और शहरी गरीब परिवारों के लिए पक्के मकानों को बढ़ावा मिला।
44. पेयजल
जल जीवन मिशन ने ग्रामीण घरों तक नल से जल पहुंचाने पर जोर दिया। जून 2026 तक लगभग 15.86 करोड़ ग्रामीण परिवारों को नल कनेक्शन की सरकारी सूचना है। ([Press Information Bureau][2])
45. स्वच्छता
स्वच्छ भारत मिशन ने शौचालय निर्माण और खुले में शौच की समस्या को राष्ट्रीय अभियान का विषय बनाया।
46. LPG और स्वच्छ ईंधन
उज्ज्वला योजना ने गरीब परिवारों को LPG कनेक्शन उपलब्ध कराने का विस्तार किया।
47. सामाजिक सुरक्षा
गरीब, वृद्ध, दिव्यांग और अन्य कमजोर वर्गों के लिए विभिन्न सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का विस्तार हुआ।
48. रोजगार
मनरेगा, स्वरोजगार और उद्यमिता योजनाओं के माध्यम से ग्रामीण और छोटे उद्यम क्षेत्र में रोजगार सहायता दी गई।
49. पर्यटन
पर्यटन अवसंरचना, धार्मिक पर्यटन और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को बढ़ावा दिया गया।
50. संस्कृति और विरासत
धरोहर संरक्षण, संग्रहालय, तीर्थस्थल और सांस्कृतिक पर्यटन परियोजनाओं को बढ़ाया गया।
51. पर्यावरण संरक्षण
स्वच्छ ऊर्जा, प्रदूषण नियंत्रण, वन संरक्षण और जलवायु नीति को विकास नीति में शामिल किया गया।
52. नमामि गंगे
नदी प्रदूषण नियंत्रण, सीवेज उपचार और गंगा पुनर्जीवन के लिए परियोजनाएं चलाई गईं। ([Press Information Bureau][2])
53. जल संरक्षण
जल शक्ति अभियान, जल संचयन और watershed development को बढ़ावा मिला।
54. विज्ञान एवं अनुसंधान
अनुसंधान, जैव-प्रौद्योगिकी और उच्च तकनीकी क्षेत्रों में सरकारी संस्थागत समर्थन बढ़ाया गया।
55. अंतरिक्ष
ISRO के माध्यम से चंद्रयान-3, आदित्य-L1 और मानव अंतरिक्ष उड़ान कार्यक्रम जैसे मिशनों ने अंतरिक्ष क्षमता का विस्तार किया।
56. रक्षा उत्पादन
रक्षा उपकरणों के घरेलू निर्माण और रक्षा निर्यात को बढ़ाने की नीतियां लागू हुईं।
57. महिला एवं बाल स्वास्थ्य
मातृ-शिशु स्वास्थ्य, पोषण, टीकाकरण और संस्थागत प्रसव को सरकारी स्वास्थ्य कार्यक्रमों में प्राथमिकता दी गई।
58. AI और डिजिटल तकनीक
IndiaAI जैसी पहलों के माध्यम से कृत्रिम बुद्धिमत्ता को शोध, शासन और उद्योग से जोड़ने का प्रयास हुआ। Economic Survey 2025-26 में AI ecosystem को स्वतंत्र विकास क्षेत्र के रूप में शामिल किया गया है।
59. लॉजिस्टिक्स
PM GatiShakti और National Logistics Policy के माध्यम से सड़क, रेल, बंदरगाह और अन्य परिवहन साधनों को एकीकृत करने पर जोर दिया गया। ([Press Information Bureau][2])
60. शहरी विकास
Smart Cities, AMRUT, मेट्रो रेल, शहरी जल-सीवेज और सार्वजनिक परिवहन के माध्यम से शहरों के बुनियादी ढांचे को आधुनिक बनाने की योजनाएं आगे बढ़ीं।
निष्कर्ष
2014 से 2026 के बीच भारत में सरकारी विकास कार्यक्रमों का दायरा 60 से अधिक स्पष्ट क्षेत्रों तक दिखाई देता है। सड़क, रेलवे, बिजली, डिजिटल नेटवर्क, जल, आवास और स्वास्थ्य जैसी आधारभूत सुविधाओं से लेकर AI, सेमीकंडक्टर, अंतरिक्ष, रक्षा उत्पादन और हरित ऊर्जा जैसे नए रणनीतिक क्षेत्रों तक नीतिगत विस्तार हुआ है। सरकारी आंकड़े यह भी दिखाते हैं कि इस अवधि में आधारभूत संरचना पर सार्वजनिक पूंजीगत व्यय में काफी वृद्धि हुई और विभिन्न क्षेत्रों में क्षमता निर्माण हुआ। ([Press Information Bureau][2])
PLI योजनाओं में मार्च 2026 तक ₹2.40 लाख करोड़ से अधिक निवेश तथा 14.15 लाख से अधिक प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार की सरकारी सूचना औद्योगिक नीति के प्रभाव का एक उदाहरण है। ([Press Information Bureau][5])
हालांकि शोधपरक मूल्यांकन में योजना शुरू होना और वास्तविक परिणाम मिलना अलग-अलग बातें हैं। इसलिए 2014-2026 के भारत के विकास का अंतिम मूल्यांकन करते समय रोजगार, प्रति व्यक्ति आय, गरीबी, क्षेत्रीय असमानता, शिक्षा की गुणवत्ता, स्वास्थ्य परिणाम, पर्यावरण और योजनाओं के वास्तविक लाभार्थियों जैसे संकेतकों को भी साथ देखना आवश्यक है। इस दृष्टि से यह अवधि भारत में भौतिक आधारभूत संरचना, डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना और सामाजिक योजनाओं के व्यापक विस्तार की अवधि के रूप में अध्ययन योग्य है।
लेखक. सी ए. डॉ. शंकर घनश्यामदास अंदानी
