“क्या सिंहों का देश कभी चूहों से हारा है” डॉ कीर्ति काले के इस गीत द्वारा किया गया
“क्या सिंहों का देश कभी चूहों से हारा है” डॉ कीर्ति काले के इस गीत द्वारा किया गया
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नई दिल्ली दिल्ली,27जुलाई2026 को “कारगिल विजय दिवस” और चंद्रशेखर आजाद जयंती के अवसर पर आर्य समाज भैरा इन्कलेव और क्षत्रिय विकास संगठन के संयुक्त तत्वावधान में, आर्य समाज मंदिर भैरा इन्कलेव के सभागार में “विराट कवि सम्मेलन” का आयोजन पूरे राष्ट्रीय परिवेश में सम्पन्न हुआ।
मां सरस्वती की वरद पुत्री अन्तर्राष्ट्रीय गीतकार डॉ कीर्ति काले दीप प्रज्ज्वलित कर कवि सम्मेलन का उद्घाटन किया।अध्यक्षता अंतर्राष्ट्रीय गीतकार डॉ जयसिंह आर्य ने की। अंतर्राष्ट्रीय गीतकार डॉ कीर्ति काले ने अपने प्रसिद्ध गीत “सीमा पर दुश्मन की गोली ने ललकारा है , क्या सिंहों का देश कभी चूहों से हारा है?” गीत द्वारा भारतीय वीरों के पराक्रम को वंदन किय
कार्यक्रम अध्यक्ष डॉ जयसिंह आर्य ने अपने प्रसिद्ध गीत “टुकुर टुकुर कर देख रहे हैं दुनिया के शैतान, शिखर पर मेरा हिंदुस्तान” द्वारा देश के वीर जवानों को याद किया श्रौताओं ने वंदेमातरम् व भारत माता की जय के उदषोश के साथ गीत का स्वागत किया।
डॉ संजय जैन ने कार्यक्रम का शानदार संचालन किया और अपने गीत के माध्यम से एक सैनिक भाई द्वारा अपनी बहन को उसके भाव प्रस्तुति किए।
सुश्री सीमा रंगा ने
“बचाया है शहीदों ने, तभी तो आज ज़िंदा है।
कटाए सिर धरा ख़ातिर, तभी तो ताज ज़िंदा है।।
बढ़ाई है उन्होंने ही, हमारे देश की शोभा,
लगा दी जान की बाज़ी, तभी तो नाज़ ज़िंदा है।।” पंक्तियों द्वारा, और कुमारी प्रतीक्षा चौहान ने “हमने रख दी अपनी नौका तूफानों में खोल कर ।
तुम भी देखो साथ हमारे वन्देमातरम् बोल कर ।।” द्वारा वीरों को नमन किया।
अवधेश कनौजिया ने “गद्दारों के षड्यंत्रों से देश को आज बचाना है,
हे वीरों के वंशज जागो विजयी ध्वज लहराना है ।” कविता द्वारा देश के युवाओं का आवाह्न किया। “वतन पर होते जो बलिदान
लुटा देते जो हंस कर जान ।
अमर बलिदानी वीरों को,
नमन करता है हिन्दुस्तान।। ” इन पंक्तियों द्वारा भुवनेश चौहान ’चिंतन’ जी देश के महावीरों के प्रति अपने भाव व्यक्त किए। डॉ अनिल वाजपेयी ने रानी लक्ष्मीबाई पर ओजस्वी छंदों की प्रस्तुति द्वारा सभी को उनकी याद दिलाई।

सम्मान के क्रम में डॉ कीर्ति काले को डॉ जयसिंह आर्य जी की माता जी की स्मृति में श्री प्रेमवती आर्य सारस्वत सम्मान 2026व डॉ राधेश्याम मिश्र कानपुर को डॉ जयसिंह आर्य के पिताजी की स्मृति में श्री नाहरसिंह आर्य सारस्वत सम्मान 2026, व भुवनेश चौहान को डॉ जयसिंह आर्य के गुरुजी डॉ स्वामी श्यामानंद सरस्वती सम्मान 2026 और डॉ अनिल वाजपेयी को श्री हरिशंकर सारस्वत सम्मान 2026 प्रदान किया गया। इस अवसर पर सीमा रंगा, अवधेश कनौजिया, प्रतीक्षा चौहान ,अंजू अग्रवाल को सारस्वत सम्मान 2026 प्रदान किया गया।
इस अवसर करगिल युद्ध के नायक व अमर वीर राम प्रसाद बिस्मिल के वंशज रविन्द्र मास्टर का अभिनंदन किया गया। हिन्दी सेवी बृजेश गर्ग, जगदीश शर्मा का भी सारस्वत अभिनंदन किया गया।
मुख्य अतिथि नरेश ऐरन ने सभी कवियों व अतिथियों का सम्मान अपने कर कमलों से किया।
कार्यक्रम की सफलता पर मेरा इन्कलेव के प्रधान रमेश कोचर, आर्य समाज के प्रधान ऋषि चन्द्र मोहन सरस्वती, कार्यवाहक प्रधान लक्ष्मी नारायण सपरा, मंत्री सुरेंद्र जैन संयोजक डॉ जे पी सिंह,मास्टर रविन्द्र ने सभी कवियों व आगंतुकों का आभार व्यक्त किया तथा सभी को भोजन प्रसाद के लिए आमंत्रित किया।
