सुधा अहलुवालिया के दोहा संग्रह ‘प्रवाह’ का हुआ लोकार्पणसाहित्य साधक मंच की गोष्ठी में श्रोता हुए मंत्रमुग्ध

बेंगलुरू : साहित्य साधक मंच के तत्ववधान में संस्था का 222 वां मासिक सारस्वत कार्यक्रम बिहार के वरिष्ठ ग़ज़लकार सुनील कुमार तंग की अध्यक्षता एवं गर्भनाल पत्रिका के संपादक आत्माराम शर्मा के मुख्य आतिथ्य में आयोजित किया गया। ग़ज़लकार डॉ साकेत प्रवर और आल इंडिया रेडियो,ब्नगलूरु के पूर्व निदेशक मिलनसार अहमद के साथ लखनऊ के वरिष्ठ साहित्यकार विनोद कुमार भावुक, छत्तीसगढ़ के वरिष्ठ कवि शिवमंगल सिंह और मेरठ के वरिष्ठ ग़ज़लकार डॉ राम गोपाल भारतीय ने विशिष्ट अतिथि के रूप में मंच की शोभा बढ़ाई। पद्मा श्रीनिवासन वसुधा जी ने माँ शारदे की वन्दना प्रस्तुत की। राधेश्याम यादव ने सुधा अहलूवालिया का परिचय दिया। मंजू वेंकट ने पुस्तक प्रवाह की समीक्षा प्रस्तुत की। रचना उनियाल और अमित अन्नत ने सुधा जी की पुस्तक प्रवाह से कुछ चुनिंदा दोहों का सस्वर पाठ किया। तत्पश्चात मंचासीन अतिथियों द्वारा दोहा संग्रह “प्रवाह” का लोकार्पण किया। इस अवसर पर मंच की और से सुधा अहलुवालिया जी का सम्मान किया गया जिसके उपरांत सुधा अहलूवालिया ने पुस्तक पर अपनी बात कहते हुए का आभार प्रकट किया।
इस अवसर पर आयोजित काव्य गोष्ठी में मंजू वेंकट, प्रखर,पंत, अर्जुन सिंह धरमधारी,रचना उनियाल,नारायण सिंह,पद्मा श्रीनिवासन वसुधा, प्रतीक्षा तिवारी, अरुणा राणा, प्रवल प्रताप सिंह राणा, प्रयास जोशी, सुनील कुमार तंग, डॉ साकेत प्रवीर, अमित अनंत, प्रीति राही ,राही राज़,मिलनसार अहमद,मृदुला चौहान ,विनोद कुमार भावुक,शिवमंगल सिंह, त्रिलोकी मोहन पुरोहित,सुशील कुमार, राधेश्याम यादव, स्वीटी सिंघल,सुरिंदर कोहली सूरी,रघुबीर अग्रवाल, हेमा देसाई, रजनी शाह, सुधा दीक्षित, डॉ कविता पनिया, एच आर नरसिम्हन, बापू गौड़ा पाटिल, नयना जैन, नमिता सिन्हा,सुधा आहलुवालिया, उर्मिला श्रीवास्तव, उषा उमेश गुप्ता और ज्ञान चंद मर्मज्ञ ने अपने उत्कृष्ट काव्य पाठ से सभी को मन्त्र मुग्धा कर दिया।
कार्यक्रम का सञ्चालन प्रतीक्षा तिवारी और ज्ञानचंद मर्मज्ञ ने किया।