“संकल्पों के दीप” और “उजालों के बदलते रंग ” का साहित्य साधक मंच पर लोकार्पण हुआ, गोष्ठी में काव्य के रंगों में डूबकर श्रोता मंत्रमुग्ध हुए
बैंगलोर की प्रतिष्ठित साहित्यिक संस्था साहित्य साधक मंच का 223 वां मासिक सारस्वत कार्यक्रम जेपी नगर स्थित लायंस क्लब के सभागार में गोवा के प्रसिद्ध गीतकार श्री कृष्ण शर्मा अशेष की अध्यक्षता एवं मराठी, गुजराती और हिंदी की लेखिका दिपाली महेश वझे के मुख्य आतिथ्य में संपन्न हुआ। साहित्यकार डॉ रामगोपाल भारतीय, प्रवल प्रताप सिंह राणा, दर्शन बेज़ार, उर्मिला श्रीवास्तव उर्मि एवं डॉ रजनी शाह विशिष्ट अतिथि के रूप में मंच पर उपस्थित रहे, सभी मंचासीन अतिथियों का स्वागतं शॉल व पुष्पगुच्छ से किया गया।
कार्यक्रम का शुभारम्भ पद्मा श्रीनिवासन वसुधा द्वारा प्रस्तुत मां शारदे की वंदना से हुआ। कार्यक्रम के लोकार्पण सत्र में वरिष्ठ साहित्यकार उर्मिला श्रीवास्तव उर्मि द्वारा रचित सजल संग्रह “संकल्पों के दीप” और डॉ रजनी शाह द्वारा विरचित कविता संग्रह “उजालों के बदलते रंग’ का लोकार्पण मंचासीन अतिथियों द्वारा किया गया। लोकार्पण से पूर्व मंजू वेंकट ने उर्मिला श्रीवास्तव का परिचय दिया और डॉ रामगोपाल भारतीय ने पुस्तक संकल्पों के दीप की समीक्षा की। इसी क्रम में मंजू वेंकट ने डॉ रजनी शाह की पुस्तक उजालों के बदलते रंग की समीक्षा प्रस्तुत की। मंच द्वारा दोनों साहित्यकारों का सम्मान किया गया। उर्मिला श्रीवास्तव और रजनी शाह ने मंच के प्रति अपनी कृतज्ञता व्यक्त करते हुए उपस्थित साहित्य प्रेमियों को धन्यवाद प्रेषित किया। इस अवसर पर एक सरस काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया जिसमें, गीत, ग़ज़ल और कविताओं के चटकीले रंगों में डूबकर श्रोताओं का मन फागुन फागुन हो गया। काव्य गोष्ठी में श्री कृष्ण शर्मा अशेष, दिपाली वझे, डा रामगोपाल भारतीय, दर्शन बेज़ार, प्रवल प्रताप सिंह राणा, उर्मिला श्रीवास्तव उर्मि, डॉ रजनी शाह, अरुणा राणा, मंजू वेंकट, वरुण दीक्षित, कावूरी नागलक्ष्मी, ज्ञानचंद मर्मज्ञ, प्रभात रंजन, डॉ पूनम सिन्हा, पद्मा श्रीनिवासन वसुधा, मृदुला सिंह, सुशील कुमार, उदय प्रताप सिंह, उमा नाग, सुधा दीक्षित, सूबेदार राम स्वरुप कुशवाह, गीता चौबे गूंज, प्रतीक्षा तिवारी, आचार्य विनीता लवानिया, ईश्वर चंद मिश्रा, रघुवीर अग्रवाल, सुरेंदर कोहली सूरी, गिरिजा कुलश्रेष्ठ, भूपेंद्र सिंह कटाक्ष, डॉ साकेत प्रवीर, उषा उमेश गुप्ता, राधेश्याम यादव सुदर्शन, पूनम बेलनी, स्वीटी सिंघल, मधु माहेश्वरी, नयना जैन और पहाड़ सिंह ने अपनी रचनओं से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया ।
कार्यक्रम का संचालन मंच के अध्यक्ष ज्ञानचंद मर्मज्ञ और लोकार्पण सत्र का संचालन प्रतीक्षा दिनेश तिवारी ने किया।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में काव्य प्रेमी उपस्थित थे, इस अवसर पर स्वादिष्ट स्वल्पाहार की व्यवस्था अरूणा राणा जी के सौजन्य से उनके बेटे विंग कमांडर डॉ गौरव जी राणा के प्रमोशन की खुशी में किया गया।




